पूर्णागिरी देवी मन्दिर टनकपुर से लगभग २० किलोमीटर दूर है । समुंद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग ३००० किलोमीटर है।पूरे वर्ष दूर दूर से लोग यहाँ दर्शनों के लिए आते हैं और विशेषकर नवरात्रियों में यहाँ दर्शनों के लिए भीड़ ही उमड़ पड़ती हैं। इस मन्दिर से लोगो की आस्था का जुडाव बहुत ही गहरा है। लोग यहाँ आते हैं और मन्नत मांगकर मन्दिर के आसपास ही एक धागा बांधते हैं और जब उनकी मन्नत पूरी हो जाती है तो आकर यह धागा खोल देते हैं।
Thursday, 4 June 2009
पूर्णागिरी मन्दिर
पूर्णागिरी देवी मन्दिर टनकपुर से लगभग २० किलोमीटर दूर है । समुंद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग ३००० किलोमीटर है।पूरे वर्ष दूर दूर से लोग यहाँ दर्शनों के लिए आते हैं और विशेषकर नवरात्रियों में यहाँ दर्शनों के लिए भीड़ ही उमड़ पड़ती हैं। इस मन्दिर से लोगो की आस्था का जुडाव बहुत ही गहरा है। लोग यहाँ आते हैं और मन्नत मांगकर मन्दिर के आसपास ही एक धागा बांधते हैं और जब उनकी मन्नत पूरी हो जाती है तो आकर यह धागा खोल देते हैं।
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